द् कंट्रोवर्सी: फिल्मी किताब या किताबी फिल्म

नई दिल्ली: सिनेमा और राजनीति की टक्कर एक बार और देखने को मिल रही है. जहां साल 2018 की शुरुआत फिल्म पद्मावत के बवाल से हुई थी, वहीं अंत द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के घमासान से हो रहा है.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बनी यह फिल्म एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है. यह फिल्म संजय बारू के द्वारा लिखी गई किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर है. यह किताब 2014 लोकसभा चुनाव के पहले पब्लिश हुई थी, एक बार फिर 2019 लोकसभा चुनाव के पहले यही मामला फिर गरमाया हुआ है.
इस बार बात कागज के पन्नों से उठकर सिनेमा की पर्दों पर आकर टिक गई है. इस किताब के लेखक संजय बारू पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाइजर और चीफ स्पोक्सपर्सन रहे हैं. उन्होंने इस किताब में डॉ मनमोहन सिंह के कार्यकाल में लिए गए निर्णय और कामकाज के तरीकों का विश्लेषण किया है.
इस फिल्म के ट्रेलर की रिलीज के साथ ही एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस पार्टी इसका विरोध कर रही है और उनकी दलील में यह कहा जा रहा है कि यह लोकसभा चुनाव के पहले भारतीय जनता पार्टी की साजिश है. इसके पीछे का उद्देश्य कांग्रेस की छवि बिगाड़ना है. अगर बात करें इस फिल्म की तो इसमें सोनिया गांधी का पीएमओ ऑफिस में दखल देना और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढीली प्रशासनिक पकड़ को दिखाया गया है. फिल्म में उस वक्त के बड़े मुद्दे जैसे न्यूक्लियर डील, स्कैम, कश्मीर मसला आदि का जिक्र हुआ है. इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी की बढ़ती पकड़ और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को किनारे करने का गणित भी दिखाया गया है.
स्टारकास्ट-
इस फिल्म में मनमोहन सिंह का किरदार मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने निभाया है. उनके साथ सोनिया गांधी का किरदार सुजैन बर्नेट ने, राहुल गांधी का अर्जुन माथुर ने, प्रियंका गांधी का अहाना कुंद्रा ने और किताब के लेखक संजय बारू का किरदार अक्षय खन्ना ने निभाया है. इस फिल्म के डायरेक्टर विजय रत्नाकर गुट्टे हैं.
इस फिल्म की शूटिंग लंदन और दिल्ली में की गई है. मूल रूप से यह फिल्म डॉ मनमोहन सिंह और उनके कांग्रेस पार्टी से संबंध को दिखाती है.
राजनीतिक घमासान- ट्रेलर रिलीज होने के बाद कांग्रेस पार्टी में हलचल सी मच गई और इसका विरोध भी किया गया. सुनने में आया कि मध्य प्रदेश सरकार इस फिल्म को राज्य में प्रतिबंधित कर सकती है, लेकिन बाद में यह सिर्फ अफवाह साबित हुई.
सिनेमाघरों में यह फिल्म 11 जनवरी को रिलीज होगी. अब देखना यह होगा कि तब तक राजनीति और सिनेमा की यह तल्खी क्या रंग दिखाती है?